बॉम जीसस बेसिलिका चर्च: गोवा का एक रत्न
भारत का एक ऐसा शहर जो क्षेत्रफल में कोई खास स्थान नहीं रखता लेकिन अपनी पुर्तगाली भव्यता और धार्मिंक स्थानों के लिए जाना जाता हैं। भारत के उस शहर का नाम गोवा हैं। गोवा जो काफी लम्बे समय तक पुर्तगालियों के कब्ज़े में रहा है, वर्तमान समय में ईसाई धर्म का गढ़ हैं। गोवा में आपको बड़े-बड़े चर्च और कैथोलिक संग्राहलय मिलेंगे। उनमे से एक गोवा का सबसे बड़ा बॉम जीसस बेसिलिका चर्च हैं। बॉम जीसस बेसिलिका चर्च को एक विश्व धरोहर स्थल संरक्षण मिला हुआ हैं। आज के इस लेख में हम इस चर्च के बारे में बाते करेंगे। वर्तमान समय में बॉम जीसस बेसिलिका चर्च की देखभाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण करता हैं।
निर्माण - डोम जेरोनिमो मैस्करेनहास
कब बनी - 1596-1605 ईस्वी में
कहाँ स्थित - ओल्ड गोवा
एंट्री फीस - निःशुल्क
चर्च का समय -सुबह 09:30 से शाम 06:30 तक
कैसे पहुँचे - बस, ट्रेन,प्लेन और टैक्सी द्वारा
क्यों प्रसिध्द - सेंट फ्रांसिस जेवियर के शरीर के अवशेषों के लिए
आस-पास - ओल्ड गोवा का पुरातत्व संग्रहालय,
सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च,
मांडवी नदी पर क्रूज, सेंट काजेतन चर्च,
चैपल ऑफ सेंट कैथरीन आदि।
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च का निर्माण और बनावट
पुराने गोवा में स्थित बॉम जीसस बेसिलिका चर्च का निर्माण 1594 ईस्वी में शुरू हुआ था। इस चर्च का निर्माण डोम जेरोनिमो मैस्करेनहास ने अपने संरक्षण में करवाया था। डोम जेरोनिमो मैस्करेनहास कोचीन के एक पुर्तगाली कप्तान थे। चर्च को बनने में 10-11 वर्ष लगा था जो की 1605 ईस्वी में बनकर तैयार हुई थीं। बॉम जीसस बेसिलिका चर्च के लिए पुराने गोवा का चुनाव इस जगह का हलचल भरी राजधानी होने के कारण किया गया था। इसकी दीवारों का निर्माण लाल-लेटेराइट पत्थरों से किया गया है जो की मौंसम की मार को अभी झेल रही हैं। इसकी दीवारों की खास बात यह है की इन दीवारों पर पलास्तर नहीं गया हैं।
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च की बनावट की बात करें तो इसका आकार क्रॉस के रूप में हैं। चर्च में एक 63 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा गलियारा बना हुआ हैं। इस गलियारें में खड़े होकर ही लोग प्रार्थना करते हैं। इसकी दीवारों पर बैराक शैलियों की नक्काशी अलंकृत की गई हैं।
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च क्यों प्रसिध्द है?
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च जो की लगभग 400 वर्ष पुरानी चर्च हैं। बॉम जीसस बेसिलिका चर्च अपने वास्तुकला के लिए विश्व भर में प्रसिध्द हैं। इस चर्च में कैथोलिक संत फ्रांसिस जेवियर के पार्थव शरीर के अवशेष रखे हुए हैं। फ्रांसिस जेवियर जिनको जब संत घोषित किया गया था उसके तीन साल बाद गोवा के इस चर्च में उनके शरीर के अवशेष लाये गए थे। यह चर्च विश्व भर में पुर्तगाली औपनिवेशों का एक अजूबा हैं।
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च में कैसे घूमे
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च वर्तमान समय में एक विश्व धरोहर स्थल हैं। इसमें घूमने के लिए आप इसमें बराक शैली की नक्काशी देख सकते हैं। इसमें घूमने के लिए आप बाहर से गाइड कर सकते हैं। बॉम जीसस बेसिलिका चर्च में आप सेंट फ्रांसिस जेवियर का मकबरा देख सकते हैं। चर्च में पहली मंजिल पर आर्ट गैलरी बनी हुई है जिसमे पुर्तगाली संस्कृति से संबंधित पेंटिंग और प्राचीन वस्तुएं हैं।
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च कैसे पहुँचे
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च आप बस, ट्रेन और हवाई तीनों मार्ग द्वारा आ सकते हैं।
बस द्वारा - अगर आप बॉम जीसस बेसिलिका चर्च बस द्वारा आना चाहते है तो इसके लिए आपको सबसे नजदीक कदंबा बस स्टैंड आना पड़ेगा। यहाँ से आप टैक्सी या स्थानीय बसों द्वारा पुराना गोवा पहुँच सकते हैं।
ट्रेन द्वारा - बॉम जीसस बेसिलिका चर्च के सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन करमाली रेलवे स्टेशन है जो मात्र 15-20 मिनट की दूरी पर हैं। यहाँ से आप टैक्सी द्वारा बॉम जीसस बेसिलिका चर्च पहुंचसकते हैं।
हवाई मार्ग - बॉम जीसस बेसिलिका चर्च के सबसे नजदीक हवाई अड्डा डाबोलिम है जो 25 KM दूरी पर स्थित हैं। यहाँ से आप टैक्सी या स्थानीय बसों से बॉम जीसस बेसिलिका चर्च पहुँच सकते हैं।
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च के आस पास घूमने लायक जगह
बॉम जीसस बेसिलिका चर्च के आस पास कई संग्राहलय और प्रसिध्द चर्च भी हैं। जिनमें से कैथेड्रल, सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च, सेंट ऑगस्टीन का टॉवर, मांडवी नदी पर क्रूज, सेंट काजेतन चर्च, चैपल ऑफ सेंट कैथरीन मुख्य हैं। बॉम जीसस बेसिलिका चर्च के पास ही ओल्ड गोवा का पुरातत्व संग्रहालय है, जिसे आप देख सकते हैं।
